What is AICPS ?-3

अखिल भारतीय अपराध निरोधक समिति चण्डीगढ़

जिस प्रकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने पूर्ण स्वराज्य प्राप्ति के लिए प्रजातंत्र को माध्यम बनाया था।  इसी प्रकार बढ़ते हुए अपराधों को मद्देनज़र रख कर स्वर्गीय श्री गुरमुख सिंह जी ने इस संस्था को जन्म दिया । देश को अपराध मुक्त नारा दिय जिसके लिए देश भर में आज एक अरब से ऊपर की आबादी बाले भारत में  इस  संस्था के लाखों की संख्या में सदस्यों का जाल फैला हुआ है । इसके संचालन के लिए हर कस्बे शहर और राज्य में शाखाएं काम कर रही है । आजादी के बाद राज्यनेताओं  का चलन चरित्र  बदल गया है । देश का नारा छोड़ कॉम , जाति , धर्म  और अपने निजी स्वार्थ के लिए लगाना शुरू कर दिया है। जनता की परवाह न करके अपनी कुर्सी को बरकरार रखने के लिए नेता का तन मन धन सब कुर्सी के लिए दाव पर चढ़ गया ।गंदे हथकंडे शोषल और घटिया दर्जे का शासन व  सरकार चलने वाले शासक भ्रष्ट  हो गए । हर चीज़ बिकने लग गयी यहाँ तक की इंसान की अंतर आत्मा की सरे आम बोली लगती है सन 1950 में गृह मंत्रालय द्वारा अखिल भारतीय अपराध निरोधक समिति के की सेवाएँ लेने के लिए सब राज्यों को हिदायतें दी और 1998 में श्री अवतार सिंह मथारू सुपुत्र स्वर्गीय श्री गुरमुख सिंह ने इस संस्था का संचालन खूबसूरत शहर चण्डीगढ़ से शुरू कर दिया । समिति का रजिस्ट्रेशन भारत सरकार के एक्ट (XXI of  1860) 1957 के अंतर्गत हुआ और समिति का मुख्यकार्यालय चंडीगढ़ मैं स्थित हुआ ।

AICPS CHD समिति के लक्ष्य और उद्देश्य

1 .      1947 में भारत  अंग्रेजों से छुटकारा मिला और देश की बागडोर वरिष्ठ नेताओं ने संभाली । दबी कुचली शोषित हुई जनता के सामने एक नारा गरीबी हटाओ का था । राजनैतिक पार्टियों ने गरीबी को अपना मैनीफेस्टो बनाया । हर व्यक्ति जो जिस चीज़ का अभावी है वह उसी की लालसा रख कर नारे देने वालों के पीछे लग जाता है । गरीबी की बजाए गरीब खत्म हो गए लेकिन गरीबी यूँ की त्यूँ है । संस्था हर व्यक्ति को एक दूसरे से संपर्क करके संस्था से जोड़ने पर पुलिस की मदद दिए जाने के लिए बचनबद्ध है । यह उस व्यक्ति की क्षमता पर निर्भर है कि वह कितने लोगों से संपर्क बना कर जोड़ता है । Crime दूर करने का यह एकमात्र आश्रय है । कर्महीन मनुष्य तो कुछ भी नहीं कर पता । वह तो धरती पर स्वयं का बोझ है । जो सरकार हमारी जनता को ज्यादा मदद और सहायता देती है हम बचनबद्ध हैं कि हम उनको बोट दें यह AICPS का लक्ष्य है ।

2 .     अज्ञानता भारत की सबसे बड़ी समस्या है । इससे निपटने के लिए Each One Teach One और प्रौढ़ शिक्षा पर भी सरकार द्वारा प्रोत्साहित करने पर बहुत सी शिक्षा संस्थाएं और समाज कल्याण संस्थाओं ने योगदान दिया है । यह संस्था साक्षर बनाने के लिए अपनी Committee के द्वारा विभिन्न स्थानों में जहाँ पर अकसर कालोनियों में निर्धन अनपढ़ लोग रहते हैं । जिनके बच्चे आमदनी के अभाव में पढ़ नहीं पाते वहाँ पर स्कूल खुलवा कर गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा तथा शिक्षा सामग्री प्रदान करवाती है ।

3 .    रोज़गार  स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद हमारे देश में शिक्षा का आभाव होने के कारण हर व्यक्ति जो 5 कक्षा तक पढ़ लेता था उसे पटवारी या प्राइमरी अध्यापक लगा दिया जाता था । 10 वीं पास को उसे समय योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी मिल जाती थी  और बी.ए.(B.A.) पास अपने घर के आगे बड़ा सा बोर्ड  बी.ए.(B.A.) का लगता था और उसे ऊँची पदवी पर नियुक्ति मिल जाती थी । आज़ादी की आधी शताब्दी गुजर जाने पर देश में बेरोजगारी का एक ऐसा सैलाब आ गया जो देश के लिए विनाशकारी सिद्ध हो रहा है । आज बी.ए. ततो क्या एम. अ. और टैक्नीकल डिग्री वाले सर्टिफिकेट पर चने रख कर चबाते फिर रहे है । लेकिन रोज़गार और नौकरी नहीं मिलती। हाईली क्वालीफाइड 2-3-4 हज़ार पर निर्वाहित नौकरी करने पर मजबूर है । स्वाभिमानी की तो कोई कीमत ही नहीं रह गई । जरा स्वाभिमान दिखाया और फिर सड़क पर आया ऐसे में इस संस्था के साथ जुड़ कर बेरोगार व्यक्ति समाज में अपना सिर उठा कर चल सकता है कहीं भी सारे देश में  घूम फिर कर  समाज की सेवा कर सकता है । अपराध रोकने में मददगार बन कर अपने जीवन की हर जरूरत को पूरा करने के लिए स्वतंत्रता से , बिना किसी की गुलामी  दवदवा के सुखी जीवन व्यतीत कर सकता है । Man Power बढ़ रहा है और सरकारी नौकरियों का दायरा ख़त्म हो रहा है Out Dated मशीनरी समाप्त हो रहा है Sick उद्योग सरकार ने बंद कर दिये हैं Manual  काम कम्प्यूटर और मशीनरी ने ले लिया है और इसी बजह से बेरोज़गारी सारे देश में बड़ी समस्या बन गयी है । पढ़ लिखकर रोज़गार न मिलने पर मिलने पर युवक पथभ्रष्ट हो रहे हैं भ्रष्टयुवकों को अच्छा जीवन जीने के लिए, अपराध से बचने के लिए और अपराध रोकने के लिए अखिल भारतीय अपराध निरोधक समिति चण्डीगढ़ पर्याप्त मात्रा में साधन उपलब्ध करवाती है।हमसे जुड़ के आप कार्य कर सकते हैं तथा आप अपने बैंक खाते में वेलफेयर फण्ड भी प्राप्त कर सकते हैं ।

4.   देश की आंतरिक सुरक्षा  के लिए हमारे  देश की पुलिस पूर्ण रूप से जिम्मेवार होती है और पुलिस के पास इनफार्मेशन के स्त्रोत पर्याप्त में हो तो अपराध  रोकने के लिए जो समस्याऐं शासकों के सामने आड़े आती है वे आसानी से सुलझ सकती है । इसके लिए यह संस्था प्रत्येक सदस्य को पुलिस की मदद करने का आह्वान देती है और इस संस्था का प्रथम नारा Help Police Help Administration and Help Society on People-Police Relationship है।आम आदमी जुर्म होता तो देख लेता है लेकिन पुलिस की जानकारी में  नहीं लता क्योकि पुलिस की कानून व्यवस्था ही कुछ ऐसी है कि जो रिपोर्ट दे या करे तो उसी से ही Investigation शुरू कर  दी जाती है और कोई भी व्यक्ति अपना काम छोड़ कर अन्य किसी पचड़े में नहीं पड़ना चाहता और इसलिए सही खबर से पुलिस वंचित रह जाती है  अपराधी जुर्म करके बच  जाता है।आप हमारे साथ जुड़ सकते हैं यदि आप हमारे साथ जुड़ कर कार्य करना चाहते है तो फार्म भरकर Head Office Chandigarh भेजें Download Form

इस समिति का सदस्य बनने के बाद उस सदस्य की तमाम ज़िम्मेवारी संस्था पर आ जाती है और पूरी तरह उसे संरक्षण मिलता है।उसे हिदायत दी जाती है की पुलिस को इन्फॉर्म करने से पहले वह सदस्य अपराधकर्ता व  किसी अपराध की सुचना सर्वप्रथम समिति के कार्यालय में  दे ताकि उसका बचाव किया जा सके अन्यथा अपराधी अक्सर पुलिस मिलकर उल्टा अपराध की खबर देने  बाले को फंसा देता है।समिति के नोटिस में आने से समिति का सदस्य पुलिस और अपराधी दोनों  से सुरक्षित हो जाता है और यह अपराध का एक सफल तरीका है।शाखाओं के आवहान पर जनता दरबार लगाए जाते हैं जिनमें से क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारीयों को जनता के बीच सम्मानित किया  जाता है।जनता की पुलिस के बीच खुली बातचीत करवाई जाती है और जनता और पुलिस के बीच की दूरी को कम कर पाने की कोशिश कीजाती है।जिससे जनता के दिलो दिमाग में पुलिस का दर बैठा हुआ है।वह कम  किया जाये और मिटाया जा सके।अच्छे काम करने बाले पुलिस कर्मियों को Commendation दिये जाते हैं इससे उसको प्रोत्साहन मिलता और आगे जनहित कार्य  प्रेरणा  मिलती है ।

5.   चरित्र में सबसे पहला पक्ष स्वस्थ शरीर, निरोग काया का बर्णन किया गया है और इसी को सुख की पहली सीढ़ी बताया गया है।हमारे देश के ऋषि मुनियों ने स्वस्थ व्यक्तियों का स्वस्थ समाज और स्वस्थ समाज के व्यक्तियों के स्वस्थ मन, विचार और आचार से एक अच्छे चरित्र बाले व्यक्तियों का समाज बनता है जो अपराधमुक्त होता हैस्वस्थ समाज हमारी संस्था का मुख्य लक्ष्य Let Us Make India Crime Free सेहत को ध्यान में रख कर शाखाओं की ओर से Medical Camps लगाये जाते हैं और गरीब अस्वस्थ व्यक्तियों, बच्चे, बृद्ध और महिलाओं को Qualified डॉक्टरों के जरिये चैक करवाया जाता है तथा मुफ्त दवाइयाँ प्रदान की जाती है डाक्टरों को अपनी ऐच्छिक Duty का मुआवज़ा भी दिया जाता है जो  डाक्टर जनहित में जान स्वास्थ्य बिना किसी फ़ीस आदि के Check करते है तो उन्हें Commendationअखिल भारतीय अपराध निरोधक समिति की ओर से बतौर सम्मान मैं दिए जाते हैं।

6.   अखिल भारतीय अपराध निरोधक समिति चण्डीगढ़ का लक्ष्य मानव अधिकार (Human Rights)और पुलिस कार्यालयों के कानूनों तथा नियमों का पालन करना, पुलिस की मदद करना, बढ़ते अपराधों को नियंत्रण करना और पब्लिक पुलिस रिलेशनशिप को बढ़ावा देना है यही हमारा लक्ष्य है।

 शपथ 

मैं भगवान खुदा  को शाक्षी मान कर आप सब के समक्ष ये प्रतिज्ञा करता हूँ ।कि मैं अखिल भारतीय अपराध निरोधक समिति चण्डीगढ़के उददेश्यों का  पालन करूँगा।अपने जीवन को ऐसा ढाल दूँगा जिससे की में देशवासियों के लिए उदाहरण बन सकूँ। मैं ये प्रतिज्ञा करता हुँ कि मैं अपनी सदस्यता का निजी स्वार्थ के लिए नाजायज तरीके से इस्तेमाल नहीं करूँगा और न ही मैं किसी और अपराध निरोधक समिति का सदस्य बनूँगा या उसका समर्थन करूँगा।

 याद रखिए

1.   यदि कोई सदस्य आई कार्ड का दुरूपयोग करेगा तो न केवल उसे सदस्यता से निकाल जायेगा बल्कि पुलिस कार्यवाही  जाएगी।
2.   सदस्यों को अध्यक्षों के साथ सम्पर्क रखना चाहिए जिससे की मुख्यकार्यालय के आदेशों के बारे में जानकारी रहे।
3.   दान व चन्दा किसी भी सदस्य को  मनाही है।
 

प्रार्थना व अपील 

 
आज देश के चारों ओर अपराध-भ्रष्टाचार-आंतकवाद, अपराध व हिंसा का साम्राज्य फ़ैल गया है जनता का कानून राजनेताओं, पुलिस व न्यायालयों से विश्वास उठता जा रहा है।दिन प्रतिदिन सरकारी मशीनरी फ़ैल होती जा रही है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो एक दिन स्थिति इससे भी भयंकर हो सकती है। अंततः इससे देश में अराजकता भी मच सकती है।
 

ऐसा क्यों  हो रहा है 

 
जब देश आज़ाद  तब तत्कालीन नेताओं के सामने अलग चुनौतियों-परिस्थितियां थी उसे के आधार पर संविधान का निर्णय हुआ।संविधान व्यवहारिक काम नकल पर आधारित ज्यादा बनाया गया था।फिर संविधान के आधार कम (येन-केन-प्रकरेण) सता रूढ़ होने पर ज्यादा ध्यान दिया गया।देश मैं किसी लक्ष्य, सिद्धांत, नैतिकता, मर्यादा, अनुशासन, अध्यात्म, मानवता आदि को विशेष महत्व नहीं दिया गया।महत्व केवल पूँजीवाद, भौतिकवाद,भोग-विलास को दिया गया।फिल्में सैक्स, अश्लीलता, हिंसा एवं राजनितिक गुंडागर्दी, बूथ कैपचरिंग पर आधारित हो गयी।परिणाम स्वरूप स्वार्थ एवं व्यक्तिवाद पनपने लगा, राष्ट्रहित, परमार्थ व लोकसेवा को नज़र अंदाज किया जाने लगा।जनसंख्या बृद्धि, अशिक्षा व बेरोज़गारी ने इस स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है, आज परिणाम सबके सामने है।
 

AICPS CHD का संघर्ष 

 
AICPS CHD मीडिया का एक अंग है मीडिया ही देश की जन रक्षक प्रहरी है ।मीडिया  के गर्भ से ही AICPS ने जन्म लिया है ।Help police to make india crime free, Healthy public Relations Shall Eliminate Crime  आज देश की अवश्यकता व समय की मांग है क्योंकि  अपराध  के कारण सम्पूर्ण भारत बर्बाद हो रहा है ।AICPS राष्ट्र व समाज की रक्षा हेतु पुरे देश में लोगों को अपने साथ जोड़ कर उन्हें संस्कृति, संगठित, जागरूक, शिक्षित कर रही है ।उनमेंदेशभक्ति की भावना, अनुशासन, चरित्रता, कानून प्रति सम्मान की भावना पैदा कर रही है ।AICPS  अपनी संगठन सकती के जरिये देशद्रोही, असामाजिक (गुण्डा)तत्वों, भ्रष्ट नौकर शाही के खिलाफ संघर्ष कर रही है।साथ ही सरकार, प्रशासन  पुलिस को कानून व्यवस्था में भी पूरा सहयोग प्रदान कर रही है 
 

AICPS CHD क्या है ?

 
AICPS भारत में अपराध, भ्रष्टाचार,आंतकवाद व अन्याय के विरोध में एक राष्ट्रीय जन आंदोलन है।Help Police to make india crime free, Healthy public Relations Shall Eliminate Crime जिसकी सफलता हेतु  AICPS ने संविधान, सरकार, जनता  Help Police Help administration Help Society and Save Constitution  with  Relationship मीडिया को सहयोगी बनाया हुआ है
 
AICPS सरकार,प्रशासन, पुलिस,कोर्ट एवं स्वतंत्र राजकीय निकायों को जन समस्याओं, शिकायतों तथा समाज, राष्ट्र व कानून विरोधी कार्यों की सूचना देने वाली एक स्वतंत्र राष्ट्रीय सुचना Society है, साथ ही यह सरकार के जनहित कार्यों में निःस्वार्थ भाव से सहयोग देने वाली एक उदारवादी प्रगतिशील संस्था भी है क्योंकि AICPS का मानना है कि मीडिया साकारात्मक सहयोग भी होना सुव्यवस्थित शासन  जरुरी है ।
 

AICPS CHD की सदस्यता का पात्र

कोई भी देश भक्त चरित्र वान  व अनुशासन प्रिय वयस्क भारतीय नागरिक (स्त्री, पुरुष,कोई औपचारिक शिक्षा अनिवार्य नहीं)राष्ट्र की रक्षा सेवा-विकास में योगदान हेतू AICPS की भी श्रेणी का  सुविधा व रूचि अनुसार सदस्य बन सकता है उसे फार्म  साथ निम्न दस्तावेज जमा करने होंगे :-
(1)   चार पासपोर्ट आकार के फोटो
(2)  भारतीय नागरिकता प्रमाण-पत्र फोटो प्रतिलिपि
(3)  शैक्षिक योग्यताओं की फोटो प्रतिलिपि
(4)किसी सक्ष्म अधिकारी या संस्था का जारी प्रमाण पत्र की फोटो प्रतिलिपि  या नोटरी पब्लिक द्वारा जारी हलफनामा।
 

AICPS CHD के काम करने का तरीका 

AICPS अपने पास आने वाली किसी भी समस्या/शिकायत/गैर क़ानूनी कार्य व अपराध पूर्ण घटना के पहले स्वयं निष्पक्ष जाँच पड़ताल कर सचाई का पता लगाती है तत्पश्चात बिना किसी स्वार्थ के सर्वप्रथम इसकी सूचना राष्ट्र व जनहित में  कार्यवाही हेतु महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, प्रशासन, पुलिस व संबद्ध सरकारी एजैंसियों तथा मानवीय न्यायालय को देना अपना कर्तव्य  समझती है, क्योंकि AICPS कानून प्रवधानों के तहत अपनी कार्यवाही करती है और साथ ही इसकी सूचना मीडिया को देती है।

विभूतियों व विद्धानों का सम्मान 

 
AICPS वरिष्ठ पत्रकार/लेखक/फोटोग्राफर/कार्टूनिस्ट/साहित्यकार/इतिहासकार या माननीय उच्चतम/उच्चतम न्यायालय का अनुभवी सीनियर एडवोकेट या राजकीय डॉक्टर, प्रोफेसर,वैज्ञानिक या प्रशासनिक  में कार्यरत उच्च अधिकारी या कोई विशेष विद्या सम्पन्न व्यक्ति या स्वतंत्रता सेनानी आदि को AICPS का प्रतिष्ठित सदस्य बनाया जा सकता है ।

: जय हिन्द जय भारत :

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August 18, 2016 Post Under Uncategorized - Read More

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