Information in hindi

Lt. S. Gurmukh Singh (Freedom Fighter)
(1912 – 1998)

(Ex-Royal Air Force before partition founder of the AICPS 1946 at Karachi and Lahore)

Welcome

Before partition Pre-independence period 1946, All India Crime Prevention Society came into existence and was first organized. Its founder members were Late S.Gurmukh Singh and his associate Late Sh.Sampurnanand and Dr.Paripurnanand, younger brother of Chief Minister Utter Pradesh, pionneer of open prison system in India, Sh.Shiv Mangal Singh Kapoor MLA associate of Pt. Govind Valabh Pant, former home Minister, Government of India and his son Sh.B.S.Kapoor in a team were directly involved in the society. The above personalities run the office of All India Crime Prevention Society Regd,No.-63/1950-51. The said Society was running smoothly for the 12 years up till the death of Dr.Paripuranand and there after his death the society was almost vanished .

The  Ministry  of  home  Affairs, Govt.  Of  India   Vide  its    GO No. 90/50/police, April 26, 1950 and  36/32/56 police Dec.10,1958  has directed the states to Utilise  the  services of “All India Crime Prevention Society in every manner’ s

अखिल भारतीय अपराध निरोधक समिति का जन्म -1946

The Ministry of home Affairs, Govt. Of INDIA vide its GO No. 90/50/police, April 26, 1950 and 36/32/56 police Dec.10, 1958 has directed the states to “Utilize the services of All India Crime Prevention Society in every possible manner”

First organized by I ts founder late. S. Gurmukh Singh in 1946, Avtar Singh Matharoo S/o Late. S. Gurmukh Singh Govt. Of India Act (XXI of 1860) 1957 All India Crime Prevention Society Chd. (Regd.)

AICPS acknowledges gratefully the kind massages of good whishes from the following dignitaries’ Like President of India, Deputy Prime Minister of India, Governor of Punjab & Chandigarh Administration, CM of Punjab, CM of Himachal Pradesh, Three Cabinet Minister of utter Pradesh, Jt. Commissioner of police, Delhi, IGP Commandos Punjab, IGP, Bhagalpur, Addl. DGP Pb. Human Right Commission, Our Website:-www.aicps.org 

 

 

AICPS acknowledges Gratefully the Kind Massages,

Good wishes from the following dignitaries

Shri K. R. Narayan

(Former President of India)

Shri L.K. Advani

(Deputy Prime of India)

Shri B.K.Chhibber

(Former Governor of Punjab & Chandigarh Administration)

Shri Prem Kumar Dhumal

(Former C.M. of Himachal Pradesh)

Shri Balramji Dass Tandon

(Former Pb. Cabinet Minister)

Shri Sewa Singh Sekhwan

(Former Pb. Cabinet Minister)

Shri Pawan Kumar Bansal

M.P.

Shri Satya Pal Jain

Former M.P.

Shri M.S.Bitta

(Chairman, All India Anti Terrorist Front)

Dr. Jasbir Singh Ahluwalia

V.C.Pb. University Patiala

Shri Kehra Singh

Chairman, Punjab School Education Board

Shri Sarbjit Singh I.P.S.

Former D.G.P. Punjab

Shri A.S.Bhatotia I.P.S.

D.G.P.Haryana

Shri K.L.Gupta I.P.S.

D.G.P.Uttar Pradesh

Dr. Kiran Bedi I.P.S.

Jt. Commissioner of Police, Delhi

Shri K.L.Likhi I.P.S.

Former I.G.P.Commandos, Punjab

Shri D.K.Kataria I.P.S

I.G.P.Bhagalpur

Shri A.P.Bhatnagar I.P.S.

Addl. D.G.P.Pb. Human Right Commission

समिति के लक्ष्य और उद्देश्य 

1947 में भारत  अंग्रेजों से छुटकारा मिला और देश की बागडोर वरिष्ठ नेताओं ने संभाली । दबी कुचली शोषित हुई जनता के सामने एक नारा गरीबी हटाओ का था । राजनैतिक पार्टियों ने गरीबी को अपना मैनीफेस्टो बनाया । हर व्यक्ति जो जिस चीज़ का अभावी है वह उसी की लालसा रख कर नारे देने वालों के पीछे लग जाता है । गरीबी की बजाए गरीब खत्म हो गए लेकिन गरीबी यूँ की त्यूँ है । संस्था हर व्यक्ति को एक दूसरे से संपर्क करके संस्था से जोड़ने पर पुलिस की मदद दिए जाने के लिए बचनबद्ध है । यह उस व्यक्ति की क्षमता पर निर्भर है कि वह कितने लोगों से संपर्क बना कर जोड़ता है । Crime दूर करने का यह एकमात्र आश्रय है । कर्महीन मनुष्य तो कुछ भी नहीं कर पता । वह तो धरती पर स्वयं का बोझ है । जो सरकार हमारी जनता को ज्यादा मदद और सहायता देती है हम बचनबद्ध हैं कि हम उनको बोट दें यह AICPS का लक्ष्य है ।

2.) अज्ञानता भारत की सबसे बड़ी समस्या है । इससे निपटने के लिए Each One Teach One और  प्रौढ़ शिक्षा  पर भी सरकार द्वारा  प्रोत्साहित करने पर बहुत सी  शिक्षा संस्थाएं और समाज कल्याण संस्थाओं ने योगदान दिया है । यह संस्था साक्षर  बनानेके लिए अपनी Committee के द्वारा विभिन्न स्थानों में जहाँ पर अकसर कालोनियों में निर्धन अनपढ़ लोग रहते हैं । जिनके बच्चे आमदनी के अभाव में पढ़ नहीं पाते वहाँ पर स्कूल खुलवा कर गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा तथा शिक्षा सामग्री प्रदान करवाती है ।

3.)      रोज़गार स्वतंत्रता प्राप्ति  बाद हमारे देश मैं शिक्षा का अभाव होने कारण हर व्यक्ति जो 5 कक्षा तक पढ़ लेता था उसे पटवारी या प्राईमरी अध्यापक लगा दिया जाता था । 10 वीं पास को उसी समय योग्यतानुसार सरकारी नौकरी मिल जाती थी और बी.ए. पास  अपने घर के आगे बड़ा सा बोर्ड  बी.ए. का लगाता था  उसे ऊँची पदवी पर नियुक्ति मिल जाती थी।  आज़ादी की आधी शताब्दी गुज़र जाने पर देश देश में बेरोज़गारी का एक ऐसा सैलाब आ गया जो देश के लिए विनाशकारी सिद्ध  हो रहा है । आज बी.ए. तो क्या एम. ए. और टेक्नीकल  डिग्री बाले सर्टिफिकेट  पर चने रख कर चबाते फिर रहे है लेकिन रोज़गार और  नौकरी नहीं मिलती I हाइली क्वालीफाइड 2-3-4 हज़ार पर निर्वाहित नौकरी करने पर मज़बूर है I  स्वाभिमान की तो कोई कीमत गई I जरा स्वाभिमान दिखाया और फिर सड़क पर आया I ऐसे में इस संस्था से जुड़कर हर बेरोजगार व्यक्ति समाज में अपना सिर उठा कर चल सकता है I कहीं भी सारे देश में घूम फिर कर समाज की सेवा  सकता है I अपराध रोकने मैं मददगार बन कर अपने जीवन की हर जरूरत को पूरा करने लिए स्वतन्त्रता से , बिना किसी की गुलामी दबोदबाब  के सुखी जीवन व्यतीत कर सकता है I Man Powerबढ़ रहा है और सरकारी नौकरीयों का दायरा खत्म हो रहा है Out Dated मशीनरी समाप्त हो रही है I Sick  उद्योग  सरकार ने बन्द कर दिये है Manual काम, कल कम्प्यूटर और मशीनरी ने ले लिया है और इसी वजह से बेरोज़गारी सारे देश में आम समस्या बन गयी है I  पढ़ लिख ककर रोज़गार न मिलने पर युवक पथभ्रष्ट हो रहे है , अपराध बढ़ रहा है I  युवकों को अच्छा जीवन जीने के लिए, अपराध से बचने के लिए और अपराध रोकने लिए अखिल भारतीय अपराध निरोधक समिति चण्डीगढ़ पर्याप्त मात्रा में साधन उपलब्ध करवाती है I 

4.).     देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए हमारे देश की पुलिस पूर्ण रूप से जिम्मेवार है और पुलिस के पास Information  के स्त्रोत पर्याप्त मात्रा में हो तो अपराध रोकने के लिए जो समस्याऐं शाशकों के सामने आड़े अति है वे आसानी से सुलझ सकती है ।इसके लिए यह संस्था प्रत्येक AICPS सदस्य को पुलिस की मदद करने का आवाहन देती है और इस संस्था का प्रथम नारा Help Police Help Administration and Help Society on People- Police Relationship है I आम आदमी जुर्म होता देख तो लेता है लेकिन पुलिस की नज़र मैं नहीं लाता क्योंकि पुलिस की कानून व्यवस्था ही कुछ ऐसी है की जो रिपोर्ट दे या करे तो उसी से investigation शुरू कर दी जाती है और कोई भी व्यक्ति अपना काम छोड़ कर किसी अन्य पचड़े में नहीं पड़ना चाहता और इसीलिए सही खबर से पुलिस वंचित रह जाती है और अपराधी जुर्म करके बच जाता है I इस समिति का सदस्य बनने के बाद उस सदस्य की तमाम जिम्मेवारी संस्था पर आ जाती है और पूरी तरह से उसे संरक्षण मितला हैI उसे हिदायत दी जाती है कि पुलिस को inform करने से पहले वह सदस्य अपराधकर्ता व किसी अपराध की सुचना सवपर्थम समिति के जिला समिति कार्यालय में दें क्योंकि आल ओवर इंडिया जिला समिति सर्वप्रथम सुचना  मुख्यकर्यालय पत्र द्वारा भेजी जाती है जोकि HELP POLICE TO MAKE INDIA CRIME FREE, OUR MISSION WITH BETTER PUBLIC-POLICE-RELATIONS.  स्टेट  जिला / एरिया समिति की सुचना डी.जी.पी, जिला एस.एस.पी., पुलिस कमिश्नर, तथा एरिया एम.एल.ए. को सुचना मुख्यकर्यालय की तरफ से भेजी जाती है तथा एक सुचना पत्र  AICPS  के जिला/एरिया समिति को भी भेजी जाती है I ताकि उस का बचाव किया जा सके अन्यथा अपराधी अक्सर पुलिस से मिलकर उल्टा अपराध की खबर देने बाले को फंसा देता है I अमिति के नोटिस में आने से समिति का सदस्य पोलिस और अपराधी दोनों तरफ से सुरक्षित हो जाता है और यह अपराध रोकने का एक सफल तरीका है I शाखाओं के आवहान पर जनता दरबार लगाए जाते है जिनमें से क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों को जनता के बीच सम्मानित किया जाता है Iजनता की पोलिस के बीच खुली बातचीत करवाई जाती है और जनता और पोलिस के बीच की दुरी को काम करने की कोशिश की जाती है I जिससे जनता की दिलोदिमाग में पोलिस का डर बैठा हुआ है I वह काम किया जाए और मिटाया जा सके I अच्छे काम करने बाले पोलिस कर्मियों को COMMENDATION  दिये जाते हैं इससे उनको प्रोत्साहन मिलता है और आगे जिनहित कार्य करने की प्रेरणा मिलती है I

      चरित्र मैं सबसे पहला पक्ष स्वस्थ शरीर, निरोग काया का वर्णन किया गया है और इसी को सुख की पेली सिधि बताया गया है Iहमारे देश के ऋषि मुनियों ने स्वस्थ व्यक्तियों का स्वस्थ समाज और  स्वस्थ समाज  के व्यकतिओयों के स्वस्थ मन  विचार और आचार से अच्छे चरित्र बाले व्यक्तियों का समाज बनता है जो अपराध मुक्त होता है Iहमारी संस्था का मुख्य लक्ष्य Let Us Make India Crime Free. सेहत को ध्यान मैं रखकर शाखाओं की ओर से Medical  Camps  लगाए जाते हैं और गरीब अस्वस्थ व्यक्तियों  वृद्ध और महिलाओं को Qualified डॉक्टर द्वारा चैक करवाया जाता है तथा मुफ्त दवाइयाँ प्रदान की जाती है डॉक्टरों को अपनी एच्छिक duty  का मुआवजा भी दिया जाता है जो डॉक्टर जनहित में जान स्वास्थ्य बिना किसी फ़ीस आदि के Check  करते हैं तो उन्हें  COMMENDATION   अखिल भारतीय अपराध निरोधक समिति की ओर से बतौर सम्मान में दिए जाते हैं 

जनता के दुख, तकलीफ और शिकायत को सरकार के कानों तक पहुँचाने के लिए

All India Crime Prevention Society हर तरह से मदद करेगी I

1.)  अगर आपके पड़ोस, गली, मोहल्ले या आस पास कोई शक्की आदमी रहता है या कोई शक्की किस्म की कारवाई हो रही है I 

2.) अगर आपके पास कोई आदमी सरकारी अफसर या राजनीतिक लोगों का नाम लेकर आपको सरकारी नौकरी, कोटा नाजाइज फायदा लेकर देने का वायदा करके आपसे पैसे ले रहे हैं I 

3.) अगर आपके पास कोई विदेश (Foreign) भेजनें का झांसा देकर आपसे पैसे ले रहा  है I 

4.) अगर आपके साथ कोई सरकारी अफसर नाजाइज़ सलूक कर रहा है I 

5.) आहार कोई मजहब के नाम पर या ऊंच -नीच, जात -पात या धर्म के नाम पर जनता को बाँटने की कोशिश कर  रहा है  I 

6.) अगर आपको किसी ऐसे आदमी की नीयत  का पता हो जो देश , कौम या शहर की शांति भंग करने बाला हो  I 

7.) AICPS  का कोई Member , Executive President या और कोई संस्था से जुड़ा हुआ आपसे आपका बिगड़ा हुआ काम ठीक कराने के लिए आपसे पैसे बगैरा मांगे  शिकायत Head Office में जरूर करें  I 

8.) हमारी संस्था पुलिस की हर कदम पर मदद करने के लिए तैयार रहती है अगर आपके साथ पुलिसकर्मी नाजाइज बदसलूकी करे तो उसकी शिकायत Head Office को करें, ताकि उसकी उच्च पुलिस अधकारियों से शिकायत की जाये I 

AICPS  की मदद करो, उसमें विश्वास करो , पुलिस को मददगार, दोस्त समझो और फिर देखो किस तरह मुजरिम सलाखों के पीछे होगा और जुर्म का खत्म हो जायेगा  I 

HELP POLICE TO HELP SOCIETY

MAKE INDIA CRIME FREE

 

-: जय हिंद जय भारत :-

 

October 8, 2009 Post Under - Read More

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